भारत

घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े, नई कीमतें लागू

मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते बढ़ी कीमतें, सरकार को हर सिलेंडर पर हो रहा है ₹700 का घाटा; तीन महीने में दूसरी बार आम जनता पर फूटा महंगाई का बम।

Reported by Kashish Solanki and edited by Shagun Chaurasia

LPG Cylinder Price Hike || Domestic LPG Price Increase || Commercial Gas Cylinder :  देश में आम लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेल कंपनियों ने एक बार में 29 रुपये का इजाफा कर दिया है। ये नए रेट रविवार से लागू हो चुके हैं। अब दिल्ली में 14 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये के बजाय 942 रुपये का हो गया है। पिछले तीन महीनों में यह रसोई गैस की कीमतों में दूसरी बार बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले, 7 मार्च को सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

​सरकार ने दी सफाई

एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब सरकार का आधिकारिक बयान भी आया है। सरकार ने बताया है कि इस वृद्धि के बावजूद भारतीय households में खाना पकाने के लिए एलपीजी की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं। उनके अनुसार, भारत में सिलेंडर की कीमतें न सिर्फ पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से कम हैं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में भी यहां एलपीजी बहुत सस्ती है।

​हर सिलेंडर पर ₹700 का घाटा

सरकार ने बताया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के चलते एक सिलेंडर की सप्लाई लागत अब 1,600 रुपये से ज्यादा हो गई है। इससे हर घरेलू सिलेंडर पर सरकार को लगभग 700 रुपये का बड़ा घाटा (अंडर-रिकवरी) सहना पड़ रहा है। पिछले पूरे साल में घरेलू एलपीजी पर यह घाटा करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।​​​​​​

​क्यों बढ़े दाम?

कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहा तनाव है। फरवरी से लेकर जून 2026 तक, एलपीजी के लिए सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) बेंचमार्क में लगभग 46% की वृद्धि हुई है। होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट के चलते खाड़ी देशों से गैस की सप्लाई कम हो गई है, जिससे लागत काफी बढ़ गई। फिर भी, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कोई कमी नहीं होने दी गई है।

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